

हाल की परियोजनाएँ
01
हरित यज्ञ
पर्यावरण संरक्षण का आध्यात्मिक उत्सव
जगद् गुरु रामानंदाचार्य नरेंद्राचार्यजी ने २ अक्टूबर से ३१ अक्टूबर तक के कालखंड में अपने सभी अनुयायियों को “वृक्ष ही प्राण हैं, वृक्ष ही धर्म हैं” इस दिव्य मंत्र से प्रेरित करते हुए राष्ट्रव्यापी वृक्षारोपण संकल्प अभियान का शुभारंभ किया। उनके इस पवित्र आह्वान के पश्चात् सम्पूर्ण देश में भक्तों, साधकों तथा सेवकों ने अपार उत्साह एवं श्रद्धा के साथ सहभाग लिया और एक लाख से भी अधिक वृक्षों का रोपण करके एक अद्भुत हरित यज्ञ साकार किया।
इस अभियान के माध्यम से केवल वृक्षारोपण ही नहीं हुआ, अपितु पर्यावरण संरक्षण, जलसंवर्धन तथा भूमि पुनरुत्थान का एक आध्यात्मिक अध्याय रचा गया। प्रत्येक लगाया गया पौधा मानो भक्ति, उत्तरदायित्व एवं भविष्य के लिए एक हरित प्रार्थना बन गया।
02.
धरती माता की रक्षा की दिशा में एक सशक्त कदम
ग्लोबल वार्मिंग के विरुद्ध रणघोष — मात्र 15 दिनों में 4598 कच्चे बांध, पानी रोको • पानी संजोओ • जीवन बचाओ
जगद् गुरु रामानंदचार्य नरेंद्रचार्यजी संप्रदाय की हाल की पहल ग्लोबल वार्मिंग के खिलाफ एक सच्ची चुनौती है। सिर्फ़ 15 दिनों में 4,000 मिट्टी के चेक डैम बनाकर, यह मिशन पानी को रोकने, भूजल को रिचार्ज करने और जीवन बचाने पर केंद्रित है। यह एक स्थायी और जल-सुरक्षित भविष्य के लिए सामूहिक कार्रवाई का एक शानदार उदाहरण है।
